Krafton India FIR: भारत में बहुत मशहूर मोबाइल गेम बैटलग्राउंड्स मोबाइल इंडिया (BGMI) बनाने वाली कंपनी क्राफ्टन इंडिया मुश्किल में फंस गई है. कंपनी के खिलाफ एक एफआईआर दर्ज हुई है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि उन्होंने डेटा प्राइवेसी का उल्लंघन किया है और कॉन्ट्रैक्ट तोड़ा है. आइए आपको इसके बारे में विस्तार से बताते हैं.
महाराष्ट्र में दर्ज हुई FIR
टॉकईस्पोर्ट की रिपोर्ट के मुताबिक महाराष्ट्र के अकलूज पुलिस स्टेशन में क्राफ्टन इंडिया और उसके चार बड़े अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर (नंबर 0474/2024) दर्ज की गई है. आरोप है कि उन्होंने 2021 के एक एग्रीमेंट का उल्लंघन करते हुए गैरकानूनी तरीके से यूजर डेटा को दूसरों के साथ शेयर किया और उससे पैसे कमाए.
शिकायत के मुताबिक क्राफ्टन इंडिया पर आरोप है कि वह प्रति यूजर 2,000 रुपये की दर से यूजर्स का डेटा कंपनियों को लीक कर रही है. आपको बता दें कि BGMI काफी पॉपुलर गेम है. एंड्रॉयड पर इसे 10 करोड़ से ज्यादा बार डाउनलोड किया गया है और iOS पर भी भारी संख्या में लोग इसे खेलना पसंद करते हैं.
कब होगी सुनवाई?
यह एफआईआर 5 सितंबर 2024 को दर्ज की गई थी. ऐसा तब हुआ जब अदालत ने आपराधिक प्रक्रिया संहिता (CrPC) की धारा 156(3) के तहत आदेश दिया, क्योंकि पहले की शिकायतों पर कथित तौर पर ध्यान नहीं दिया गया था. इस मामले की सुनवाई 15 अप्रैल 2025 को बॉम्बे हाई कोर्ट में होनी है.
एफआईआर में कई कानूनी धाराओं का भी हवाला दिया गया है, जिसमें आपराधिक साजिश (IPC धारा 120-B), धोखाधड़ी (IPC धारा 420), और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 के उल्लंघन, विशेष रूप से धारा 72, 72A और 85, जो डेटा सुरक्षा और अनधिकृत खुलासे से संबंधित हैं, शामिल हैं.
क्राफ्टन इंडिया ने दायर की याचिका
जवाब में क्राफ्टन इंडिया ने बॉम्बे हाई कोर्ट में दो याचिकाएं (नंबर 4806 और 5342/2024) दायर की हैं, जिसमें जांच पर रोक लगाने की मांग की गई है. कंपनी ने आरोपों और एफआईआर की कानूनी प्रक्रिया की वैधता को चुनौती दी है. जस्टिस सारंग वी. कोतवाल और डॉ. नीला गोखले मामले की सुनवाई कर रहे हैं. न्यायधीशों ने दोनों याचिकाओं को मिला दिया है और प्रतिवादियों को नोटिस जारी किए हैं. सभी अंतरिम आदेश 15 अप्रैल 2025 को अगली सुनवाई तक बढ़ा दिए गए हैं.





